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Friday, January 30, 2015

ड्राइंग रूम में आ कर बैठ गयी

नमस्ते दोस्तों मेरा नाम रणवीर ( बदला हुआ ) है मैं दिल्ली में पैदा हुआ और बड़ा हुआ मैंने यहाँ लिखी हुई बहुत कहानिया पड़ी कुछ अच्छी कुछ बुरी तो मैंने भी सोचा कियो ना मैं अपनी खुद की कहानी लिख डालूं 

मेरा बचपन एक माधयम वर्गीय परिवार मैं हुआ और फिर 18 साल की उम्र तक आते आते मुझे सेक्स के बारे में पता चल गया कि लड़की को कैसे चोदते है कहा लॅंड डालते है!!

शुरू से मैं ठीक ठाक बदन वाला लड़का रहा हूँ मेरे घर पर मेरे माँ एक हाउस वाइफ पिताजी एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल थे और हम तीन भाई बहन है जिस में सबसे बड़ा भाई 21 साल का ग्रेजुएशन कर रहा था फिर मेरी बहन 19 साल कि एक प्रोफेशनल कोर्स कर रही थी और फिर मैं खुद उस समय 18 साल का था हमारा घर दो मंजिल का है जिस में नीचे दो बड़े कमरे एक ड्राइंग रूम और मम्मी पापा का बैडरूम था और बहन रात को ड्राइंग रूम में सोती थी ऊपर दो और कमरे थे जिस में एक मेरा एक मेरे भाई का था !!

अब इस समय मेरी उम्र क्या है ये आप सब को कहानी में ही पता चल जायेगा क्योकि ये कहानी मेरी खुद कि सच्ची कहानी है जिस में मैं आप सब को अपने चुदाई के अनुभवों के बारे में बताउगा 

बात उन् दिनों की है जब मैंने नया नया मुठ मारना सीखा था बाहरवीं क्लास में बॉयज के स्कूल में पड़ता था पढ़ाई में ठीक था पर आप सब तो जानते है इस उम्र में सेक्स के लिए उत्सुकता तो रहती ही है इस लिए दोस्तों के साथ ब्लू फिल्म देखना सेक्स वाली मैगज़ीन पढ़ना ये सब भी करता था और मिडिल क्लास कॉलोनी में रहने वाली भाभियाँ और आंटियां कपडे पहनने के मामले में थोड़ी केयरलेस होती है और इस का फायदा मेरे जैसे जवानी कि और बढ़ते हुए लड़को बहुत मिलता था और इस लिए जब भी मौका मिलता किसी ना किसी बहाने भाभियों और ऑन्टीयो कि चुचियो और गांड को सूट और साड़ी के ऊपर से देख कर ही खुश हो जाता था और मुठ मार लेता था लेकिन जैसा मैंने बताया कि मैं पढ़ाई में ठीकठाक था इस लिए मेरे मौहल्ले में मेरी अच्छी रेपुटेशन थी !!

ये बात मेरे बाहरवी के एग्जाम के बाद गर्मियों कि छुट्टीओं कि है अभी रिजल्ट आने में टाइम था और मेरे पापा कि भी छुटिया होने कि वजह से गाँव मेरे चाचा के पास चले गए और साथ में मेरा भाई भी गया था और बहन प्रोफेशनल कोर्स के वजह से सुबह आठ बजे जा कर शाम सात बजे वापिस आती थी अब बस बचे थे तो मैं मेरी बहन और मेरी माँ एक मास्टर का बच्चा होने कि वजह से हम सब को संस्कार घुट्टी में घोल कर पिलाये थे इस वजह से मैंने कभी अपनी माँ और बहन को सेक्स कि नज़रो से नहीं देखा था पर हाँ मेरी बहन सुन्दर शरीर वाली थी और माँ भी उस समय कोई पैंतालीस साल के करीब कि थी और वो ठीकठाक मिडिल क्लास थोड़ी मोटी आंटी टाइप सी ही थी!!

मेरी माँ हर दोपहर को तीन बजे एक डेरी जो मेरे घर से दो किलोमीटर दूर थी वह से ताजा दूध लेने जाती थी और उनको वापिस आते आते कभी पांच कभी छे बज जाते थे कियो कि वहां मेरी गली कि आठ और औरते भी जाती थी जिस से और ये सब एक साथ बाते करते हुए आती जाती थी !!

मेरे मेरे घर से के पास मेरे एक दूर की रिश्तेदारी में एक मौसी रहती थी जो थोड़ी कम पड़ी लिखी थी वो करीब 45 - 48 साल कि होगी गोरी चिट्टी करीब छे फ़ीट लम्बी तगड़ी बड़ी बड़ी चूचियाँ कम से कम 44 डी के साइज कि होगी कमर कोई 38 साइज की और गांड का तो पूछो मत इतनी मोटी गांड थी कि देखते ही लॅंड सलामी देने लगता उन का गोल चेहरा लम्बे आधे पके हुए बाल जिस पर वो कभी कभी मेहंदी लगा लेती थी बड़ी बड़ी आँखे और सबसे अच्छे उस के होठ जो इतने सेक्सी लगते थे कि बस चूस डालो उनके सेक्सी बदन को सोच सोच कर मैं अक्सर मुठ मारा करता था उनका नंगा बदन सोच सोच कर मेरा लॅंड पत्थर की तरह टाइट हो जाता था वैसे उस टाइम मेरे लॅंड का साइज करीब साढ़े पांच या छे इंच का होगा जो शायद उस उम्र के लिए थोड़ा बड़ा था और ठीक मोटा सा था मैंने उनको कभी जाहिर नहीं होने दिया कि मैं चुपके से उनकी मोटी चूचियों और गांड को घूरता हूँ उनका नाम माला था उनके साथ उनके दो लड़के सुरेश और नरेश और उनकी बहुएँ बड़ी का नाम अनीता जो कि करीब पचीस या छबीस साल कि होगी एक सेक्सी और 38 डी कि चूचियाँ बत्तीस कमर और गांड चालीस साइज की मोटी थी उस का एक ही बच्चा था पांच साल का कुल मिला कर एक सेक्सी हॉट पर घरेलु आलसी टाइप औरत थी मैंने उनको बहुत कम घर के काम करते देखा था दूसरी बहु जिसका नाम सुनीता था जो कि अनीता की ही सगी छोटी बहन थी पर बिलकुल अपनी बहन से अलग दिखती थी बाइस साल की बिना बच्चे वाली छत्तीस साइज की चूचियाँ कमर करीब अठाईस और गांड भी छत्तीस साइज की और वो घर के सारे काम करती थी दोनों बहने सांवली थी 

माला मौसी का पति जो की टी बी का मरीज था केमिकल का बिज़नेस करता था और उनके दोनों लड़के अपने बाप के बिज़नेस में हाथ बटाते थे इस लिए तीनो सुबह ही घर से चले जाते थे और देर रात घर लौटते थे, सुरेश और नरेश को टूर पर भी जाना पड़ता था लगता था कि दोनों को पैसा कमाने कि धुन सवार थी और दोनों बहुएँ और मौसी सारे दिन घर पर ही रहती थी 

माला मौसी अक्सर हमारे घर आती थी और मैं भी कभी कभी काम से उनके घर जाता था ऐसे ही एक दिन जब मैं घर पर तीन बजे माँ के जाने के बाद अकेला था और उस दिन गर्मी बहुत ज्यादा थी इस लिए अकेला होने कि वजह से मैं सिर्फ निक्कर बिना अंडरवियर के पहन कर लेता हुआ था और मेरे दोस्त की दी हुई एक मस्त राम की किताब पढ़ते हुए अपने लॅंड को सहला रहा था उस में एक कहानी थी जिस में एक नौकर को उस कि बड़ी उम्र कि मालकिन बहाने से अपना बदन दिखा कर गरम कर के चुदवाती है वैसे भी माला मौसी कि गांड और चूचियाँ मेरे दिमाग में घूमती रहती थी ऊपर से उस स्टोरी ने ऐसा जादू किया कि कहानी पढ़ते पढ़ते कब मैंने अपना लॅंड बहार निकाल लिया और धीरे धीरे मुठ मारने लगा पता ही नहीं चला और अचानक से किसी ने दरवाजे को थपथपाया और मैंने चौक कर एक दम से किताब को तकिये के नीचे रखा और दरवाजे खोलने चल दिया लेकिन यहाँ मुझ से एक गलती हो गयी मैंने अपना लॅंड तो अंदर कर लिया था पर निक्कर कि ज़िप बंद करना भूल गया था ( वो निक्कर एक जीन्स को काट कर बनायीं थी ) जैसे ही मैंने दरवाजा खोला तो देखा मेरे सपनो कि रानी माला मौसी सामने खड़ी थी उस टाइम उन्होंने एक मैरून कलर कि साड़ी और मैचिंग ब्लाउज पहन रखा था उस टाइम मेरी हाइट करीब पांच फ़ीट छे इंच की थी उस हिसाब से मेरा सर ठीक माला मौसी कि चूचियों के बराबर आता था अब हालात ये थी कि एक तो मस्त राम की किताब का असर ऊपर से माला मौसी सामने और उनकी चवालीस साइज के बड़ी बड़ी चूचियाँ ठीक मेरी आँखों के सामने अचानक से मेरा लॅंड बेकाबू हो कर एक दम से पत्थर जैसा तन गया जैसे अभी फट ही जायेगा और मैं वही झड़ जाउगा मैं एकटक उनको देखता रहा और मेरे बदन से गर्मी के मारे पसीना छूटने लगा तभी अच्चानक से माला मौसी बोली 

" क्या बात है रणवीर क्या देख रहा है और तुझे इतना पसीना कियो आ रहा है "

और फिर जैसे मैं सपने से जागा और हड़बड़ाते हुए अपने पसीने को अपने हाथ से पोंछ पर बोला " कुछ नहीं मौसी जी गर्मी है ना शायद इस लिए आ रहा है आप आओ ना अंदर!" 

मौसी ने मुझे घूरा और अपनी बड़ी बड़ी गांड हिलाती हुई अंदर ड्राइंग रूम में आ कर बैठ गयी और मैं उनके पीछे पीछे चल कर उनके पास जैसे ही खड़ा हुआ तो अचानक से मैंने देखा मौसी कि नज़र मेरी निक्कर की ओर थी और उस में से मेरे कुंवारे लॅंड अपनी पूरी औकात में आ कर बाहर निकला हुआ था उस समय मेरे होश उड़ गए और एक दम से मेरा सादे पांच इंच का लॅंड छुआरे सा छोटा हो कर तीन इंच का हो गया और मैं सीधा दुसरे कमरे कि ओर भागा पर पीछे से माला मौसी कि तीखी और गुस्से वाली आवाज़ ने मुझे वही जमा दिया 

" रुक रणवीर वापिस आ मुड़ और इधर आ!" 
मेरे होश उड़ गए हाथ पैर कांपने लगे मुझे लगा कि बेटा आज तू गया तेरी गांड पर जूते पडने वाले है फिर भी मैंने अपने को थोड़ा संभाला और मुड़ते हुए अपने लॅंड को धीरे से अंदर किया और मौसी कि तरफ मुड़ा और देखा कि माला मौसी का चेहरा गुस्से में लाल हो रखा है और धीरे धीरे सर झुका कर उनकी पास सोफे के सामने खड़ा हो गया माला मौसी ने मुझे गुस्से में घूरते हुए पुछा 

" क्या कर रहा था तू और ये सब क्या है ( मेरी निक्कर कि और घूरते हुए ) "

मैं क्या बोलता मुझे कुछ सूझ नहीं रहा था तो फिर माला मौसी एक दम से खड़ी हुई जिस से फिर उनकी बड़ी बड़ी चूचियाँ ठीक मेरी आँखों के सामने थी और वो थोड़ा जोर से बोली " जवाब कियो नहीं देता कमीने क्या कर रहा था!" 

मैं धीरे से बोला "सॉरी मौसी गलती हो गयी!"

Thursday, January 29, 2015

पहले अपनी अपनी

माँ चुदा पहले अपनी अपनी

मैं साजिया, साइमा, फ़ना, फ़िरोज़ा चारों लड़कियां एक ही कमरे में बैठी हुई खूब हंसी मजाक और गन्दी गन्दी बातें खुल कर कर रहीं थीं। घर का माहौल बड़ा
रंगीन था क्योंकि आज मेरे भाई जान की सुहागरात है और यह सुना है की यह सुहागरात दो दिन तक मनाई जाएगी।  घर पूरा मेहमानों से भरा हुआ है.  चारों तरह शोरगुल हो रहा है। हंसी ख़ुशी का नज़ारा है।  चाहे लड़के हों या लड़कियां, औरतें हों या मरद सब अपनी अपनी टोली में मस्त हैं।  घर हो या बाहर सब एक जगह इसी तरह का माहौल है।  अच्छी बात यह है की ऐसे माहौल में कहीं कोई पाबन्दी नहीं होती ? पूरी आज़ादी होती है चाहे जो कहो, चाहे जो करो, कोई मना करने वाला नहीं है।  एक और बात है की शादी के माहौल में एक दूसरे को गालियां देना और चोदा चोदी की बातें करना एक अच्छा शगुन माना जाता है। मैं आपको दूँ की हम चारों शादी शुदा लड़कियां हैं और चारों के मियां भी यहीं मौजूद हैं।
इतने में साइमा बोली यार मेरी चूत में तो बहन चोद आज सवेरे से ही आग लगी हुई है।  मैं तो आज किसी को नहीं छोडूंगी।  मेरे सामने जो भी आएगा, मैं उसी का लौड़ा घुसेड़ लूंगी अपनी चूत में वो भोसड़ी वाला चाहे कोई भी हो ? इसके जबाब में फ़ना बोली यार मेरे मियां का लौड़ा न पेल लेना अपनी चूत में तू साइमा क्योंकि उसकी नियत पहले ही मेरी फूफी के भोसड़ा पर ख़राब हो चुकी है।  कल रात में जाने कहाँ से उसने फूफी का भोसड़ा देख लिया।  तब से मुझसे कह रहा है फ़ना आज तो मैं सबसे पहले तेरी फूफी का भोसड़ा चोदूंगा। तब तक फ़िरोज़ा बोली हाय फना आज तुम मेरे मियां से बच कर रहना ? कल रात मैं जब उसका लण्ड हिला रहा थी तो मैंने तेरा ज़िकर छेड़ दिया।  बस तेरा नाम लेते ही उसका लौड़ा मादर चोद दूना हो गया।  साला टन्ना कर मेरे सामने गुर्राने लगा।  मैं समझ गयी की मेरा मियां फ़िरोज़ा की बुर चोदना चाहता है।  मैंने पूंछा तो उसने साफ़ साफ़ कह दिया हां फ़िरोज़ा मैं तो पहले अपना लण्ड उसकी बुर में नहीं उसके मुंह में घुसाना चाहता हूँ। फना बोली हाय अल्ला, वो मुझे इतना चाहता है ? फिर तो मैं उसका लण्ड ज़रूर चूसूंगी ? मैंने कहा देखो यार एक बात तो है की आज बुर हो चाहे भोसड़ा चोदी सबकी जाएगी। और कोई भोसड़ी वाला अपनी बीवी नहीं चोदेगा ? सब के सब मरद एक दूसरे की बीवी पर आँखें गड़ाए बैठे हुए हैं।  जैसे ही उन्हें मौक़ा मिलेगा वैसे ही वो लण्ड भक्क से पेल देंगें। इसलिए अपनी अपनी चूत तैयार रखो।
साइमा बोली अरी साजिया चूत ही नहीं अपनी अपनी गांड भी तैयार रखो।  यहाँ कुछ मरद ऐसे है मादर चोद जो गांड भी मारेंगें ? फना बोली यार एक कहावत है न जब सिर दिया ओखली में तो फिर चोटों की क्या परवाह ?  जब चुदाने ही निकली हूँ तो लण्ड चाहे बुर में घुसे चाहे गांड में ? चाहे मुंह में घुसे चाहे चूंची में ? कौन बुर चोदी इसकी परवाह करती है ? फ़िरोज़ा ने बताया यार मुझे मालूम हुआ है की जैसी अंदर कमरे में दूल्हा दुल्हन की सुहागरात होगी वैसी ही बाहर भी सुहागरात होगी। वह भी एकदम खुल्लम खुल्ला ? साइमा बोली तो क्या बाहर लोग एक दूसरे की बीवी चोदेंगें ? मैंने कहा बाहर ही नहीं बल्कि अंदर भी।  मैं सुनकर आई हूँ की पहले दूल्हा अपनी बीवी चोदेगा ? फिर उसके दोस्त उसकी बीवी चोदेंगें और दूल्हा अपने दोस्तों की बीवियां चोदेगा ? साइमा बड़ी खुश होकर बोली यार अब तो मैं दो दिन खूब जम कर ऐय्यासी करूंगी ? मैं तो सबके लण्ड पकड़ूंगी और सबके लौड़ों से चुदवाऊँगी अपनी चूत बहन चोद ? इतने में साइमा की अम्मी आ गयीं।
साइमा की माँ ने कहा :- मैंने तुम्हारी बातें सुन ली हैं। अब जाओ भोसड़ी वालियों और मोटे मोटे लण्ड से अपनी अपनी माँ चुदाओ ? 
बस इतनी सी बात कह कर वह मुस्कराती हुई चली गयीं।  मैंने हंस कर कहा अरी बुर चोदी साइमा तुझे तो अपनी माँ चुदाने की इज़ाज़त मिल गयी है। अब बोल तू किसका लण्ड पेलने जा रही है अपनी माँ के भोसड़ा में ? साइमा ने कहा इज़ाज़त सिर्फ मुझे ही नहीं मिली है बल्कि हम सबको भी मिली है।  अब तो हम सबको अपनी अपनी माँ चुदानी है। अब सब लोग मिलकर सबसे पहले यह पता लगाओ की किस किस के लण्ड मोटे हैं ? मोटे मोटे कितने लण्ड यहाँ मौजूद हैं ? और उसके बाद यह भी तय करो की किसका मोटा लण्ड किसकी माँ के भोसड़ा में पेला जाएगा ? फ़िरोज़ा बोली इसका मतलब यह है की सबकी भोसड़ी की अम्मियाँ मोटे मोटे लण्ड से ही चुदवाना चाहती हैं। 
जब आसिया खाला ने कहा की तुम लोग अपनी अपनी माँ चुदाओ तो हम सब सोंचने लगीं।
इतने में अचानक कमरे में दो आदमी आ गये।  उन्हें देख कर फ़िरोज़ा बोली वाओ, भोसड़ा का तू मेरा ससुर हसन कब आ गया ? उसने कहा - अरे बहू मुझे भी इस सुहागरात में शामिल होने का दावतनामा मिला है - तुझे दावतनामा नहीं मिला है मादर चोद, तेरे लण्ड को मिला है दावतनामा बुर चोदने के लिए। पहले यह बता की तेरे साथ यह कौन है ? - यह असद है मेरा दोस्त मैं इसे अपने साथ ले आया - क्या इससे तेरी ख़ास मोहब्बत है ? - मेरी मोहब्बत नहीं है. इसकी मोहब्बत मेरी बीवी से है और मेरी मोहब्बत इसकी बीवी से है। - क्या मतलब ज़रा खुल के बता बेटी चोद - अरे बहू सीधी सी बात है मैं इसकी बीवी चोदता हूँ और ये मेरी बीवी चोदता है। फ़िरोज़ा उठी और बोली भोसड़ी के हसन मैं तेरा लण्ड तो पहचानती हूँ अब मैं वो लण्ड देखना चाहती हूँ जो मेरी सास का भोसड़ा चोदता है। उसने झट्ट से असद के पैजामे में हाथ घुसेड़ दिया और अंदर ही अंदर लण्ड सहलाने लगी।  लण्ड बहन चोद खड़ा हो गया।  वह बोली अरी साजिया मुझे तो अपनी माँ का भोसड़ा चोदने के लिए लण्ड मिल गया और तेरी भी माँ चोदने के लिए लण्ड मिल गया।  इन दोनों भोसड़ी वालों के लण्ड मोटे मोटे हैं। इधर आ और मेरे ससुर का लण्ड पकड़ के देख ले ? मैंने वाकई सबके सामने उसका लौड़ा खोला तो वह फंफनाकर खड़ा हो गया मेरे आगे।  मैंने कहा वाओ मैं इसी लण्ड से अपनी माँ चुदवाऊँगी।
उधर फ़ना बाहर गयी और अपने साथ दो मस्त हट्टे कट्टे आदमी लेकर आ गयी।  मैं आपजो यह बता दूँ की फना मेरी पड़ोसन शकीला आंटी की बेटी है।  यह परिवार मेरे परिवार से खूब घुला मिला है . इसका अब्बा मेरी माँ चोदता है और मेरा अब्बा इसकी माँ चोदता है। इसलिए ये लोग हमारे सभी शादी व्याह में ख़ास तौर से रहतें हैं। फ़ना बोली अरे सुनो तुम लोग ये दोनों मेरे अब्बा के दोस्त है। असलम और अज़हर।  इन दोनों के लण्ड बड़े मोटे मोटे हैं। 
साइमा बोली - फिर क्या ? अब चलो हम लोग अपनी अपनी माँ का भोसड़ा चुदवायें ? पहले सब लोग अपने अपने कपडे उतार दें और मादर चोद हो जायें  बिलकुल नंगी।  फिर इन चारों भोसड़ी वालों को नंगा करके इनके लण्ड पकड़े हुए हम लोग अम्मियों के कमरे में दाखिल हो जायें और एक एक लण्ड घुसेड़ दें अपनी अपनी माँ के भोसड़ा में। सबने एक आवाज़ में हां कह दी और फिर सब अपने अपने कपड़े उतारने लगीं। तब तक किसी ने बताया की सुहागरात शुरू हो गयी है और दुलहन ने चुदवाना शुरू कर दिया है अब तुम लोग भी जाओ और  सबसे बहन चोद भकाभक झमाझम चुदना शुरू कर दो। 
मैंने फिर असलम का लण्ड पकड़ लिया। साइमा ने अज़हर का लण्ड, फना ने हसन का लण्ड और फ़िरोज़ा ने असद का लण्ड पकड़ लिया . हम चारों नंगी नंगी एक एक लण्ड पकडे हुए अम्मियों के कमरे में दाखिल हो गयीं. वहाँ का नज़ारा देख कर तो हम सब दंग रह गयी।  हमने देखा की  
 

Wednesday, January 28, 2015

हिम्मत वाला और दबंग आदमी

अपनी बीवी चुदाओ तो मानूं

 मैंने अपने पति से कहा - डींगें तो बहुत मारते हो किसी और से अपनी बीवी चुदाओ तो मानूं 
एक बार रात में मैंने अपने हसबैंड से बड़ी मस्ती में चुदवा रही थी तो मैंने कहा तुम्हे मालूम है की आजकल लोग क्या क्या करतें है ? कैसे कैसे अपनी सेक्स लाइफ एन्जॉय करते है ? अपनी बीवियों के लिए क्या क्या करतें हैं ? वह बोला बताओ न क्या क्या करतें है वो लोग जो मैं नहीं करता ? मैंने उसे चिढ़ाते हुए कहा तुम्हे बताने से क्या फायदा ? काम तो है साला झांट भर का लेकिन शायद तुम्हारे बस का नहीं है ? वह बोला अरे यार काम तो बताओ न पहले ? मैंने कहा अब क्या बताऊँ मैं तुमको ? तुम तो बड़ी शेखी बघारते हो की मैं यह कर लूँगा मैं वह कर लूंगा पर आजतक कभी अपनी बीवी चुदवाई है तुमने ? अपने दोस्तों को देखो बड़ी ख़ुशी ख़ुशी अपनी बीवियां चुदवाते हैं और एक तुम हो जो कुछ करते ही नहीं ? मैंने यही कह कर हवा में एक तीर चला दिया ? लेकिन यह मेरा लक है की तीर सही निशाने पर लगा ?
दोस्तों, आजकल मेरा पति अपनी बीवी यानी मुझे बड़ी मस्ती से चुदवाने लगा है ? अब मैं आपको पूरा किस्सा सुनाती हूँ :-
मेरा हसबैंड बड़ा साहसी, हिम्मत वाला और दबंग आदमी है  वह जो भी करने की ठान लेता है उसे करके ही दम लेता है ।  मैं उसकी बड़ी तारीफ करती हूँ और मुझे अपने हसबैंड पर बड़ा गर्व है। मैं चाहती हूँ की उसकी यह हिम्मत बनी रहे ? इसलिए मैं भी उसे उत्साहित करती रहती हूँ। कभी उसे ललकार के उसके अंदर जोश भरती हूँ तो कभी प्यार से चिढ़ा कर उसे प्रोत्साहित करती हूँ। मैं चाहती हूँ की उसके उत्साह में कभी कोई कमी न आने पाये ?
एक दिन रात को मैं अपन सारे कपडे उतार कर बिस्तर पर उसके साथ लेट गयी तो उसने मुझे बड़े प्यार से चिपका लिया।  वह भी पूरा नंगा था।  उसने मेरी चूंचियां मसलना शुरू कर दिया तो मैंने उसका लण्ड सहलाना ? मेरी मुठ्ठी में जब कोई लण्ड आता है तो मुझे ऐसा लगता है की जैसे मेरी मुठ्ठी में दुनिया की सबसे बढ़िया चीज आ गयी है और फिर मैं उस लण्ड में खो जाती हूँ। मैं लण्ड से ज्यादा मोहब्बत किसी और से नहीं करती ? हम दोनों एक दूसरे के जिस्म से खेलते भी जा रहे थे और धीरे धीरे प्यार मोहब्बत से बातें भी करते जा रहे थे। जितना मुझे उसका लण्ड प्रिय है उतना ही उसे मेरी चूंचियां और चूत भी प्रिय है। 
यूँ तो हमारी शादी के दो साल हो चुके हैं लेकिन हर बार मुझे यही लगता है की शायद अभी अभी शादी हुई है और हम दोनों सुहागरात मना रहे हैं। 
उस दिन भी मुझे ऐसा ही महसूस हो रहा था।  मेरा हसबैंड जितना काम करता है उतनी ही अपनी डींग भी मारता है। वह मेरी चूंचियां दबाते हुए बोला की मैं कभी किसी काम से पीछे नहीं हटता ? मैं अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाता हूँ।  दूसरी बार जब उसने कहा कीआभा देखो मैं जो सोंच लेता हूँ उसे करके दिखाता हूँ ? ऐसा कोई काम नहीं जो मैं कर के न दिखा सकूँ ? मेरे अंदर बहुत दम है मेरी जान आभा ?
तब मुझे एक शरारत सूझी और मेरे मुंह से निकला -  डींगें तो बहुत मारते हो किसी से अपनी बीवी चुदाओ तो मानूं ?
उसने भी जोश में आ के जबाब दिया - हां हां चुदवा लूंगा अपनी बीवी, यार ? मेरे कई दोस्त है चोदने वाले ?
तब मैंने बड़े प्यार से कहा  - हिम्मत हो तो दिखाओ किसी से अपनी बीवी चुदवा कर ? तुम्हे किस भोसड़ी वाली ने रोका है ? मैं भी तो देखूं की मेरे हसबैंड के कितना दम है ? अगर तुमने अपने सामने किसी और से अपनी बीवी चुदवा ली तो मैं मान जाऊँगी की तुम दुनिया का कोई भी काम कर सकते हो ? वह थोड़ा सोंचने लगा तो मैंने उससे प्यार से कहा की बड़ा मज़ा आता है अपनी बीवी किसी और से चुदवाने में ? एक बार ऐसा कर के तो देखो मेरे राजा ?
इस तरह मैंने उसे झाड़ पर चढ़ा दिया और उसे उत्तेजित करने के लिए एक कहानी भी सुना दी।
मैंने कहा सुनो मैं तुम्हे अपनी सहेली रूपा की एक सच्ची कहानी सुनाती हूँ :-
रूपा का हसबैंड भी तुम्हारी ही तरह बड़ा हिम्मती और साहसी है।  वह भी जो ठान लेता है वह करके ही दम लेता है।  एक दिन रूपा ने उसे ललकारते हुए कहा अगर तुम्हारे में दम है तो तुम अपनी बीवी किसी और से चुदवा कर दिखाओ ? बस यह बात उसके दिल में लग गयी और एक हफ्ते के अंदर ही वह अपने एक दोस्त को ले आया।  उस दिन वह बड़ा खुश नज़र आ रहा था। उसने कहा रूपा आज मैं तुम्हे इसी से चुदवाऊँगा।  रूपा उसे देख कर मन ही मन बड़ी खुश हुई। उसे इस बात की और ख़ुशी हुई की शादी के बाद उसकी तमन्ना आज पूरी होने जा रही है। फिर उन तीनो ने बैठ कर खूब दारू पी।
उसके बाद उसका हसबैंड सामने सोफ़ा पर बैठा गया।  उधर रूपा पहले अपने सारे कपडे खोल कर उसके आगे नंगी हो गयी और फिर उसे भी नंगा कर दिया।  उसका लण्ड पकड़ कर चाटने चूसने लगी। उसका हसबैंड रूपा को किसी पराये मरद का लण्ड चाटते हुए बड़े गौर से देखता रहा और फिर जब रूपा ने उसका लण्ड अपनी चूत में घुसा कर चुदाना शुरू किया तो उसका हसबैंड ख़ुशी के मारे उछल पड़ा और बोला वाह रूपा वाह ? तुम तो वाकई बड़ी अच्छी तरह से चुदवा लेती हो ? देखो न मेरा दोस्त कितना खुश हो रहा है ? रूपा ने बड़ी चालाकी से कहा नहीं मैं नहीं चुदवा रही हूँ ? चुदवा तो आप रहे है अपनी बीवी ? मैं तो बस अपने हसबैंड की ख़ुशी के लिए चुदवा रही हूँ। मैं अपने हसबैंड को हर हाल में खुश रखना चाहती हूँ।  और जानते हो आकाश उसके बाद क्या हुआ ? उसके बाद तो रूपा का हसबैंड रूपा की चूत अपने दोस्तों से अक्सर चुदवाने लगा ?
साथियों, मैं मिसेज आभा हूँ २६ साल की एक नयी नवेली मदमस्त, खूबसूरत और बिंदास बीवी ? मेरी सबसे बड़ी संपत्ति है मेरी बड़ी बड़ी सुडौल चूंचियां, मेरी मोटी मोटी जांघें और उसके बीच में एक सेक्सी छोटी छोटी झांटों वाली चूत, मेरे उभरे हुए चूतड़ और मस्त गांड, मेरी गुन्दाज़ बाहें और बोलती हुई बड़ी बड़ी आँखें ? मेरा पति है मिस्टर आकाश एक गोरा चिट्टा, तगड़ा तंदुरुस्त, हैंडसम २८ साल का लड़का ?  मेरी शादी के अभी दो साल ही हुए है लेकिन मैं इन दो सालों में ही एक ही लण्ड से चुदा चुदा कर बोर हो गयी हूँ। शादी के पहले तो मैं कई लण्ड पकड़ती थी खूब मज़ा करती थी, एन्जॉय करती थी लेकिन इन दो सालों में कुछ ब्रेक लग गया।  इसलिए मैंने गैर मर्दों के लण्ड पकड़ने का मन बना लिया। मैं यह काम अपने हसबैंड से छुपा कर नहीं करना चाहती हूँ।  मैं उसे धोखा नहीं देना चाहती ? बल्कि उसे इस खेल में शामिल करना चाहती हूँ।
आजकल "बीवियों की अदला बदली" खूब जोरों पर चल रही है। नये नये कपल्स इस खेल में ख़ुशी ख़ुशी जुड़ रहें हैं। फिर भी अक्सर यह देखा गया है की लोग दूसरे की बीवी तो चोदना चाहते है लेकिन अपनी बीवी नहीं चुदवाना चाहते ? खुद तो मज़ा लेना चाहते है लेकिन अपनी बीवी को मज़ा नहीं लेने देते ? ऐसे में बीवियों की अदला बदली होना संभव नहीं है ?  दूसरे की बीवी चोदना सरल है लेकिन अपनी बीवी चुदाना बड़ा कठिन है। मैंने यह ठान लिया की मैं यह कठिन काम पहले करूंगी। इसलिए मैं चाहती हूँ की :-
                            मेरा पति पहले अपने सामने मुझे किसी और से चुदवाये फिर मेरे सामने किसी और की बीवी चोदे ?
आकाश मेरी इच्छा पूरी करके के लिए सोंचने लगा फिर थोड़ी देर में बोला आभा डार्लिंग तुम उसी आदमी से क्यों नहीं चुदवा लेतीं जिसने तेरी सहेली को उसके हसबैंड के आगे चोदा ? मैंने कहा यार इससे तो अच्छा है की मैं रूपा के हसबैंड से ही चुदवा लूँ ? वह बोला हां यह तो और अच्छा है।  तुम उन दोनों को बुला लो।  मैं पूरा इंतज़ाम कर देता हूँ।  मैंने जब अपने पति में इतना बदलाव देखा तो पूंछा अच्छा यह बताओ आकाश जब मैं रूपा के पति से चुदवाऊँगी तो क्या तुम्हारा मन रूपा को चोदने का नहीं होगा ? वह बड़ी मासूमियत से बोला मैं बिना तुम्हारे कहे किसी और को कैसे चोद सकता हूँ, आभा ?  मैंने प्यार से उसकी चुम्मी ली और कहा देखो डार्लिंग जब रूपा तुमसे चुदवाने के लिए तैयार होगी तभी मैं उसके पति से चुदवाऊँगी नहीं तो रूपा की माँ का भोसड़ा ?
हम दोनों इसी बात पर खूब हँसे ?
दूसरे दिन आकाश के ऑफिस चले जाने के बाद मैंने रूपा से बात की।
  • मैंने कहा रूपा यार आजकल कैसी चल रही है तेरी चुदाई ?  तेरा हसबैंड तुम्हे अपने दोस्तों से चुदवा रहा है न ?
  • वह बोली अरे यार आजकल तो बड़ी मस्त चुदाई हो रही है।  मेरा हसबैंड अब केवल मुझे ही नहीं चुदवा रहा बल्कि वह खुद भी दूसरों की बीवियां चोदने लगा है।  मैं उसे दूसरों की बीवियां चोदते हुए देख कर बहुत खुश हो रही हूँ। 
  • वाओ, इसका मतलब तू आजकल जवानी का पूरा मज़ा लूट रही है ?
  • यार जवान तो तुम भी हो आभा ? तुम भी लूटो न जवानी का पूरा मज़ा ?
  • मैंने इसीलिए तुझे फोन किया है, रूपा ? देख कल तू अपने हसबैंड के साथ मेरे घर डिनर पर आ जा।  कल मैं तेरे सामने तेरे हसबैंड से चुदवाऊँगी ?
  • वाओ, तो क्या तेरे हसबैंड को बुरा नहीं लगेगा ?
  • नहीं बिलकुल नहीं लगेगा ? वह खुद मुझे तेरे पति से चुदवायेगा ? जैसे तेरा पति तुझे चुदवाता है ? पर मेरी एक शर्त है ?
  • हां बोल क्या शर्त है मैं तेरे लिए सारी शर्तें मानने को तैयार हूँ। 
  • शर्त यह है की तू भी मेरे सामने मेरे हसबैंड से चुदवाओगी ?
  • अरे यार यह तो तूने मेरे मन की बात कह दी।  अब तेरी बुर चोदने और अपनी बुर चुदवाने मैं कल आ रही हूँ।  
दूसरे दिन जब रूपा अपने पति रोहित के साथ आई तो मैंने उसे आकाश से मिलवाया ।  वह तो रूपा को देख कर लट्टू हो गया।  इधर मैं भी रोहित को देख कर लट्टू हो गयी।  मुझे क्या मालूम था की रोहित भोसड़ी का इतना हैंडसम होगा ?  एक दूसरे से मिलने बाद मैंने ड्रिंक्स शुरू कर दी ।  दोनों कपल को मालूम था की आज क्या होने वाला है ?
रूपा बोली :- आभा, तो तेरा पति भी मेरे पति की तरह अपनी बीवी चुदवाना चाहता है ?
मैंने जबाब दिया :- नहीं यार पूरी बात यह है की वह जिससे अपनी बीवी चुदवाना चाहता है उसकी बीवी खुद चोदना चाहता है।
बस फिर क्या हम चारों लोग ठहाका लगा के हंसने लगे।
रोहित बोला :- यार आकाश देखो, अपनी बीवी अपने सामने चुदाने का एक अलग ही मज़ा है ? और यह मज़ा दुगुना हो जाता है जब अपनी बीवी अपने सामने अपने पति से किसी और की बीवी चुदवाती है।
रूपा बोली:-  हां यह बात तो बिलकुल सही है । मैं तो खुद अपने पति का लण्ड पकड़ कर दूसरों की बीवियों की बुर में घुसा देतीं हूँ। 
मैंने कहा :- हां आज मैं भी अपने पति का लण्ड पकड़ कर तेरी बुर में घुसा दूँगी, भोसड़ी की रूपा ?
कमरे में एक बार फिर ठहाका गूँज उठा।
बस फिर मैंने अपनी बाहें रोहित के गले में डाल दीं और उसके गाल का चुम्मा लेने लगी।  उधर रूपा मेरे मियां के बाहों में आ गयी और वह मेरे मियां का लण्ड टटोलने लगी। वहीँ एक सोफ़ा पड़ा था।  मैंने रोहित को उसी पर बैठाया और उसके सामने अपने कपडे उतारने लगी।  मेरे बगल में रूपा भी अपने कपडे खोलने लगी। देखते ही देखते हम दोनों मादर चोद नंगी हो गयीं। रूपा का पति मेरी चूंचियां मसलने लगा और मेरा पति रूपा की चूंचियां। मैंने देखा की मेरी चूंचियां रूपा की चूंचियों से थोड़ा बड़ी हैं।  रूपा के चूतड़ और उसकी गांड थोड़ा मेरी गांड से बड़ी है। उसकी जांघे भी थोड़ा मेरी जाँघों से मोटी है। लेकिन उसकी चूत थोड़ा नीचे दबी हुई है और मेरी चूत थोड़ा उभरी हुई है।  हम दोनों सोफ़ा ने नीचे ज़मीन पर बैठ कर एक दूसरे के पति का लण्ड चाटने लगीं ?
यह मेरा पहला मौका है जब मैं किसी और के हसबैंड का लण्ड अपने हसबैंड के आगे चाट रही हूँ और मेरे हसबैंड का लण्ड मेरे आगे किसी और की बीवी चाट रही है। यह मेरा इतना सुखद अनुभव है जिसका मैं बयान नहीं कर सकती ?  
अब तो मेरी चूत में जबरदस्त आग लग चुकी थी। मुझसे बर्दास्त नहीं हो रहा था।  मैंने रोहित को बेड पर चित लिटा दिया और उसके खड़े लण्ड पर चढ़ कर बैठ गयी।  लण्ड भोसड़ी का पूरा मेरी चूत में घुस गया।  मुझे देख कर रूपा ने भी मेरे पति को नंगा लिटा दिया और उसका लण्ड अपनी बुर में घुसा कर बैठ गयी। मेरे पति की गांड रोहित के मुंह की तरफ थी और रोहित की गांड मेरे पति के मुंह की तरफ।  इस तरह हम दोनों आमने सामने एक दूसरे को देखने लगीं और एक दूसरे के पति के लण्ड पर कूद कूद कर चुदवाने लगीं। रोहित मेरी उछलती हुई चूंचियां बड़े मजे से देख रहा था और मेरा पति रूपा की उछलती हुई चूंचियों का मज़ा ले रहा था। हम चारों चोदा चोदी में बिलकुल खो गये ?
थोड़ी देर में मैं नीचे हो गयी और रोहित मेरे ऊपर चढ़ बैठा ? उसका लौड़ा गप्प से मेरी बुर में दूर तक घुस गया और मैं मस्ती से चुदवाने लगी।  उधर रूपा बुर चोदी घोड़ी की तरह मेरे पति से पीछे से चुदवाने लगी। उस दिन मैंने हसबैंड की अदला बदली का मज़ा खूब लूटा और फिर मन में ठान लिया की आगे भी इसी तरह लूटती रहूंगी।
दो दिन बाद मेरा पति अपने एक दोस्त को लेकर आ गया।  उसने मुझे बुलाया और कहा आभा देखो यह मेरा पक्का दोस्त है मिस्टर रफीक ?  यह भी उसी तरह दारू का शौक़ीन है जैसे हम लोग हैं। फिर मैंने ड्रिंक्स लगा दी और बातें करने लगी।  मैं इतने में किचेन में चली गयी तो वह भी मेरे पीछे पीछे आ गया ।  वह मुस्कराकर बड़ी सेक्सी अदा में बोला आज तुम इसे बड़े प्यार से दारू पिला दो।  आज मैं रफीक से अपनी बीवी चुदवाऊँगा। मैं भी बड़ी अदा से बोली तुम बड़े वो हो ? बड़े बेशरम हो गये हो तुम ?  पर मेरे मन में तो लड्डू  फूटने लगे।
जब आकाश ने देखा की नशा अपना काम करने लगा है तो वह बोला रफीक तुम मेरी बीवी चोदो मैं तब तक डिनर का इंतज़ाम करके आता हूँ।  ऐसा कह कर वह चला गया और मैं रफीक का हाथ पकड़ कर उसे बेड रूम में ले आई। मैं उसे बैठा कर उसके सामने अपने कपडे खोलने लगी और जब बिलकुल नंगी हो गयी तो बोली अरे रफीक क्या हुआ ? तू भोसड़ी का मर्द है की नहीं ? तू मुझे बस देखे जा रहा है न मेरी चूंची पकड़ रहा है और न चूत सहला रहा है ? वह बोला अरे आभा भाभी मैंने इतनी खूबसूरत बीवी पहले कभी देखी ही नहीं ? मैंने उसके लण्ड पर हाथ मारते हुए कहा और मैंने कभी तेरे जैसा हैंडसम लौड़ा नहीं देखा ? ऐसा कह कर पल भर में मैंने उसे नंगा कर दिया।  मैंने देखा की उसका लण्ड भोसड़ी का पहले से ही खड़ा है। मैंने उसे पकड़ा और कई बार चूमा।  लौड़ा मुझे वाकई भा गया।  मैंने कहा मादर चोद रफीक तेरा लण्ड तो गज़ब का है यार ? सबसे बढ़िया तो तेरा सुपाड़ा है बिलकुल लाल टमाटर जैसा ? आज पहली बार मैं कोई मुस्लिम लण्ड देख रही हूँ।  आज मुझे मालूम हुआ की मुस्लिम लण्ड कितना खूबसूरत और सख्त होता है ?  मैंने लण्ड मुंह में लिया और चूसने लगी।  रफीक मेरी बुर चाटने लगा।
मुझे रफीक से चुदवाने में स्वर्ग का मज़ा आने लगा ।  एक नया मर्द, एक नया लण्ड, एक नयी तरह की चुदाई सब कुछ बड़ा लाज़बाब था मेरे लिए।  मैं मन ही मन अपने हसबैंड की बड़ी तारीफ करने लगी जो अपनी बीवी बड़ी बेबाकी से अपने दोस्त से ही चुदवा रहा है। मैंने रफीक से हर तरफ से चुदवाया।  ऊपर से, नीची से, अगल से, बगल से, लण्ड पर बैठ कर और उसकी गोद में चढ़ कर भी।  मैं वाकई बड़ी मस्त हो गयी और सबसे बाद में मुझे उसका झड़ता हुआ लण्ड चाटने में खूब मज़ा आया।  मैंने सोंचा की अब मैं किसी भी मुस्लिम लण्ड से परहेज़ नहीं करूंगी ?
एक दिन एक औरत आ गयी वह भी उस समय जब मैं घर में अकेली थी। मैंने उसे अंदर बैठा तो लिया लेकिन मैं थोड़ा डरी हुई थी की यह है कौन ? तब तक वह बोली आभा तुम्हे रफीक का लण्ड कैसा लगा ? तुम्हे उससे चुदवाकर मज़ा आया की नहीं ? मैंने सोंचा की यह तो बहन चोद सब जानती है। इससे कुछ छिपाना ठीक नहीं है।  मैंने बोली हां लण्ड तो बहुत बढ़िया है और मुझे पसंद भी आया।  वह बोली तो इसका मतलब है की तू भोसड़ी वाली फिर उससे चुदवायेगी ? मैं चुप रही ? उसने कहा अरे बस इतने में ही तेरी गांड फट गयी आभा ? देख गैर मर्दों से चुदाने वाली औरत इतनी कमजोर नहीं होती ? मैं रफीक की बीवी हूँ, मिसेज हमीदा ?  तूने मेरे मियां से चुदवाया है आज मैं तेरे मियां से चुदवाने आई हूँ। बस मेरे चेहरे पर रौनक आ गयी।  मैं उसके गले से लिपट गयी।
उसने फोन में कुछ किया तो ५ मिनट में ही दो आदमी कमरे में आ गये ? वह बोली देखो यह है मेरा भोसड़ी का जीजू और यह है मादर चोद मेरा जेठ ? ये दोनों माँ के लौड़े अपनी बीवियां मेरे मियां से चुदवाते हैं और मैं इनसे चुदवाती हूँ। आज मैं ये दोनों लण्ड तेरी बुर में पेलने आई हूँ और यही दोनों लण्ड तुमसे अपनी बुर में पेलवाने आई हूँ। मतलब यह की ये दोनों मिलकर हम दोनों की बुर चोदेंगें।  अभी दोपहर का समय है।  तेरा पति ऑफिस में है। तब तक हम दोनों लोग चुदवाकर खूब मज़ा ले लें ? ये साले हमें चोद कर चले जायेंगें। और फिर रात में मैं तेरे मरद से चुदवाकर जाऊँगी। 
उसकी बातें सुनकर मेरी ख़ुशी का ठिकाना न रहा ?  मैंने वैसा ही किया जैसा उसने प्लान किया था। 
आज फिर मैंने दो मुस्लिम लण्ड से चुदवा कर खूब मज़ा लूटा। 

=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=० समाप्त      

Tuesday, January 27, 2015

चोद गया धोखे से

कोई मुझे चोद गया धोखे से

                           कोई  मुझे  चोद गया धोखे से 
                           लौड़ा बुर में पेल गया धोखे से
उस दिन हम तीनो लड़कियां सवेरे सवेरे उठीं तो अपने बिस्तर के बगल में बैठ कर बातें करने लगीं।  मेरा नाम है साजिया मेरे पास बैठी है मेरी खाला जान की बेटी नाजिया और दूसरी तरफ बैठी है मेरे मामू जान की बेटी फ़िरोज़ा।  हम तीनो इस समय चाय की चुस्कियां ले रहीं है। और मस्ती से बातें कर रहीं है। 
हमारा घर आजकल मेहमानो से खचाखच भरा है क्योंकि मेरे भाई जान का निकाह होने वाला है।   घर में बड़ी चहल पहल है।  चारों तरफ खुशियों का माहौल है।  खूब खुली खुली बातें हो रहीं है, अश्लील बातें, गन्दी गन्दी बातें, भद्दी भद्दी बातें, शादी व्याह, नाच गाना, न्यूड डांस आदि की बातें यानी हर तरह की बातें हो रहीं है।  हंसी मजाक हो रहा है प्यार से गाली गलौज भी हो रहा है।  एक दूसरे की टांग खींची जा रही है।  खूब गहरी मजाक भी चल रही है।  एक दूसरे की गांड मारी जा रही हैं।  किसी की माँ चोदी जा रही है तो किसी की बेटी चोदी जा रही है।  कोई अपनी माँ का भोसड़ा चुदा रही है तो कोई अपनी बेटी की बुर ? कोई अपनी सास का भोसड़ा चोद रही है तो कोई बहू की बुर चोदे जा रही है।  कोई बहन चुदा रही है तो कोई अपनी माँ की चूत ? यह सब गालियों से ही हो रहा है।  हर तरफ हंसी के ठहाके लग रहें है।  लोग खूब एन्जॉय कर रहे हैं। लड़कियां और औरतें खूब गालियां सुना रहीं है और मर्द बहन चोद सुन सुन कर खूब मज़ा ले रहें है।
शादी व्याह के समय ऐसा ही रिवाज़ है हमारे घरों में ।  इस ख़ुशी के मौके को और खुश हाल बनाने के लिए इन सब चीजों की खुली छूट रहती है। कोई कुछ भी कहे, किसी भी तरह की गाली दे, किसी को भी गाली दे इस बात का बुरा कोई नहीं मानता ? कपडे लत्ते पहनने में भी कोई ख़ास ख्याल नहीं रखा जाता जब तक की कोई फंक्शन न हो ? आधे अधूरे कपडे सभी लड़कियां / औरतें पहने इधर उधर घूम रही हैं।  अब देखो न मेरी भाभी की पीछे से गांड खुली जा रही है. खाला जान की चूंचियां साफ़ साफ़ दिख रही है। समीना की जींस इतनी नीचे खिसक रही है की उसकी झांटें दिखाई दे रहीं हैं। थोड़ा और खिसक जाये तो उसकी चूत दिखाई देने लगेगी।  फूफी जान ने तो अपनी चूंचियां खोल दीं हैं बस ऊपर से एक चुन्नी डाल ली है उसने अपने गले में ? मामी जान की मोटी मोटी जांघें दिख रहीं है, उसके बीच से कभी कभी उसका भोसड़ा भी झांकने लगता है।  उधर मरद भी भोसड़ी वाले कम नहीं है।  कोई तौलिया पहने घूम रहा है। कोई अपनी लुंगी बार बार खोल कर लण्ड हिला रहा है।  किसी की झांटें दिख रही है तो किसी की गांड ? किसी का अध टन्ना लण्ड दिख रहा है तो किसी के लण्ड का पूरा सुपाड़ा बाहर झाँक रहा है।  कोई अपना लण्ड सहला रहा है तो कोई अपने पेल्हड़ ? इस तरह का सेक्सी माहौल हो गया है घर का जिसका पूरा ज़िक्र करना शायद बड़ा मुश्किल होगा ?
खैर चलिए अब मैं आपको बताती हूँ की हम तीनो आपसे में क्या बातें कर रही हैं ?
मैंने कहा :- यार, कल रात में तो बड़ा गज़ब हो गया ?  मैं जब बिस्तर पर लेटी तो थोड़ी ही देर में लाईट चली गयी। उस समय रात के ११.३० बजे थे। चारों तरफ अन्धेरा हो गया।  तभी कोई मेरे बिस्तर के पास आया और मेरी चादर में घुस गया।  मैं तो अंदर से बिलकुल नंगी थी और अपने मियां का इंतज़ार कर रही थी।  वह मेरी चूंचियां दबाने लगा और मेरी चुम्मी लेने लगा।  मेरे पूरे बदन पर हाथ फिराने लगा। मैं भी मस्त होने लगी लेकिन जब मेरा हाथ उसके लण्ड पर गया तो मैं थोड़ा सहम गयी। उसका लण्ड इतना मोटा था की मुझे लगा की यह मेरे मियां का लण्ड नहीं है ? लेकिन मुझे उसका लण्ड बड़ा बढ़िया लगा। मैं सोंचने लगी की हो सकता है की मेरे मियां का लण्ड आज कुछ ज्यादा ही मस्ती में है इसीलिए और मोटा हो गया है।  लेकिन उसने इतने में सीधे मेरी चूत में पेल दिया लण्ड और धकाधक चोदने लगा। 
नाज़िया बोली :-  तो यार,  तूने पूंछा नहीं की कौन है तू भोसड़ी का ?
मैंने कहा :- यार पहली बात तो उसने मुझे पूंछने का मौका ही नहीं दिया और दूसरी बात यह की उसका लौड़ा मुझे बेहद पसंद आ गया।  वह जिस तरह से मेरी बुर चोद रहा था वह मेरे लिए बड़ा मजेदार था।  ऐसा मज़ा पहले कभी नहीं मिला मुझे। बस मैं पूंछने के वजाय और गचागच चुदवाने लगी। मैं पूरी मस्ती में डूब गयी। वह भी शायद मुझे अपनी बीवी समझ कर चोद रहा था और मैं भी मादर चोद बिलकुल चुप थी ? उसके जाने के बाद मुझे पूरा यकीन हो गया की कोई मुझे धोखे से चोद गया ?
नाज़िया बोली :- अच्छा तू ज़रा ठीक से बता की उसका लौड़ा कैसा था और कैसे चोद रहा था ?
मैंने बताया :- लौड़ा मोटा था।  छोटी छोटी झांटें थीं।  सुपाड़ा साला पहाड़ी आलू जैसा था और खड़ा होने पर बहन चोद थोड़ा टेढ़ा हो जाता है लौड़ा ? ऐसा मुझे मालूम हुआ ?
फ़िरोज़ा तब तक जोर से बोल पड़ी :- अरी हरामजादी, मादर चोद साजिया वह तो मेरे मियाँ का लौड़ा है यार ? इसका मतलब कल रात तूने मेरे मियां से रात भर चुदवाया भोसड़ी की ?
मैंने कहा :- हाय अल्ला, अगर मैंने तेरे मियां से चुदवाया तो फिर मेरे मियां ने किसको चोदा रात भर ? 
फ़िरोज़ा बोली :- वो तू पता लगाती रहना, यार  ? पहले यह बता की जब मेरा मियां तुझे चोद रहा था तो फिर मुझे कौन भोसड़ी वाला चोदता रहा रात भर ?
तब तक समीना आ गयी।  समीना मेरी भाभी की बहन है।
वह आते ही बोली :- अरी फ़िरोज़ा सुन, तुझे तो मेरे धोखे मेरा शौहर रात भर चोदता रहा ? तू भोसड़ी वाली सबको चूतिया बना रही है यहाँ ? तू चुप चाप मेरे मियां से भकाभक चुदवाती रही रात भर और अब पूंछ रही है की मुझे किसने चोदा ? अरी जब तुझे किसी और का मरद चोद रहा था तो तुझे पता ही नहीं चला ? यह कैसे हो सकता ? तूने लौड़ा पकड़ कर देखा नहीं क्या ? तुझे चुदाई में कोई अंतर नहीं मालूम पड़ा क्या ?
फ़िरोज़ा बोली :- अच्छा तो वह तेरा मियाँ था बहन चोद ? अब तू बता मैं कैसे पहचान पाती उसका लौड़ा। उसने तो मुझे लौड़ा पकड़ाया ही नहीं ? सीधे सीधे पहले पेल दिया मेरे मुंह में और मेरी चूत में।  मैं पहले उसका लण्ड चूसती रही और फिर चूत में घुसेड़वा कर चुदवाती। अब तू बता बुर चोदी समीना जब लौड़ा बुर में घुसा हो तो कौन पूंछेगा की यह किसका लौड़ा है ? मुझे चुदाने में मज़ा आने लगा तो मैं चुदवाती रही ?
मैंने कहा :- अरी समीना अब तू बता भोसड़ी वाली की तेरी बुर किसने चोदी ?
समीना बोली :- यार साजिया, किसी ने भी चोदी हो मगर मुझे चुदाने में तो ज़न्नत का मज़ा आ गया। वह जैसे ही मेरी चादर के अंदर दाखिल हुआ तो मेरा हाथ उसके लण्ड से टकरा गया लेकिन उसने फ़ौरन घूम कर लण्ड मेरे मुंह में घुसा दिया और मेरी बुर चाटने लगा। वह जब मेरी बुर चाटने लगा तो मैं जान गयी की यह मेरा मियाँ नहीं है लेकिन मुझे बुर चटवाने में बड़ा मज़ा आने लगा इसलिए मैं चुप रही और एन्जॉय करने लगी ? फिर मैंने उसी से रात भर चुदवाया ? मैं समझ गयी कोई मुझे धोखे से चोद रहा है ?
यह सुनकर  नाजिया बोल पड़ी :- हाय दईया,  वो तो भोसड़ी का मेरा मियां है यार ? मेरा मियां बुर चोदने के पहले बुर चाटता जरूर है। उसकी बुर चाटने की आदत है।  पर मुझे यह नहीं मालूम हुआ की फिर मुझे किसने चोदा ? यह तो पक्का हो गया की मुझे चोदने मादर चोद मेरा मियां नहीं था।
मैंने कहा :- नाज़िया तू बहन की लौड़ी मुझे चोदने वाले के लण्ड के बारे में बता ?
नाज़िया ने बताया :- लण्ड तो भोसड़ी वाले का बहुत बड़ा था, साजिया ? इतना बड़ा लण्ड मैंने पहले कभी देखा ही नहीं ? मैंने जैसे ही लण्ड हाथ से पकड़ा तो वह फ़नफ़नाकर खड़ा हो गया।  मेरी उंगलियों ने लौड़ा नापा तो मैं समझी की साला ८" से भी बड़ा है लण्ड ? इतना बड़ा लण्ड तो मेरे मरद का है ही नहीं ? यक़ीनन यह किसी मरद है ? मैं चुप इसलिए रही की मुझे पहली बार इतने बड़े लौड़े से चुदवाने का मौक़ा मिल रहा था और मैं इस मौके का पूरा पूरा फायदा उठाना चाहती थी।
मैंने कहा :- वाओ, नाज़िया तो इसका मतलब तूने मेरे मियां से चुदवा लिया, वह भी धोखे से ? क्योंकि सबसे बड़ा लण्ड मेरे मियां का ही है ? मेरा मियां मेरी बुर के धोखे तेरी बुर चोद गया ?
तब चारों लड़कियां खूब खिल खिलाकर हंसने लगीं।
इतने में नाज़िया की अम्मी यानी मेरी खाला जान आ गयीं और आते ही बोली तुम लोग भोसड़ी वालियों यहाँ बैठी बैठी क्या अपनी माँ चुदा रही हो ? मैंने कहा नहीं मेरी बुर चोदी खाला जान ? बैठो तो मैं तुझे कल रात की चुदाई की बात बता रही हूँ।  कल हम चारों ने धोखे से एक दूसरे के मियां से रात भर चुदवाया।  कल लाईट चली गयी थी न तभी पता नहीं कैसे सबके मरद बदल गये और जो मरद जिसके पास पहुंचा उस लड़की ने उसी मरद से चुदवा लिया ? तब मैंने उसे पूरा किस्सा बताया तो खाला जान मेरी बात सुनकर बड़ी जोर जोर से हंसने लगीं ? मैंने कहा अरे खाला जान इतनी जोर से क्यों हंस रही हो यह सब धोखे से हुआ जान बूझ कर नहीं ?
वह बोलीं अरी मेरी बुर चोदी साजिया सुन, मैं इसलिए हंस रही हूँ की वहाँ ऊपर हम लोगों के साथ भी यही हुआ ?  देख मुझे तेरे अब्बू ने धोखे से रात भर चोदा ? समीना के अब्बू ने धोखे से तेरी माँ का भोसड़ा रात भर चोदा ? फिर मेरे मियां ने यानी नाज़िया के अब्बू ने धोखे से समीना की माँ का भोसड़ा चोदा। सवेरे जब मैं अपने बिस्तर से उठी तो मैंने तेरे अब्बू को अपने बिस्तर में एकदम नंगा सोता हुआ देखा ? और जब मैंने तेरी माँ का बिस्तर देखा तो वहां समीना का अब्बू नंगा सो रहा था । समीना की माँ के बिस्तर में मेरा मियां नंगा सो रहा था।  तब मैं समझ गयी की रात भर इन मर्दों ने एक दूसरे की बीवी चोदी है।
फिर तेरा अब्बू आया और उसने सबको बताया की मैंने रात में बाहर का मेन स्विच ऑफ कर दिया था तो पूरे घर में अन्धेरा हो गया था। लाईट गयी नहीं थी बल्कि लाईट बंद कर दी गयी थी क्योंकि ये भोसड़ी वाले मरद एक दूसरे की बीवी चोदना चाहते थे ?
मैंने कहा :- अरे खाला इन मर्दों की खुले आम एक दूसरे की बीवी चोदने में क्या गांड फटती है ? हम बीवियों ने तो मना नहीं किया कभी ? मैं तो अपने मियाँ से कहती हूँ की तुम भी चोदो सबको और मैं भी चुदवाऊँ सबसे ? खाला बोली :- अरी ऐसी बात नहीं है, साजिया ? छुप छुप कर दूसरे की बीवी चोदने में और छुप छुप कर दूसरे के मियां से चुदाने में ज्यादा मज़ा आता है ?
तब तक मेरी मामी जान आ गयी ? वह बोलीं हां मैंने तुम लोगों की बातें सुन लीं है।  अब मैं तुम सबको एक task दे रही हूँ।  सुनो ? आज ये चारों लड़कियां खुल्लम खुल्ला एक दूसरे के मरद से एक दूसरे की माँ का भोसड़ा चुदवाएंगीं और इसी तरह इनकी अम्मियाँ भी एक दूसरे की बिटिया की बुर चुदवायेंगी ? आज रात को नीचे के बड़े हाल सब एक साथ लण्ड अदल बदल कर चोदा चोदी करेंगीं और सभी लड़कियां मिलकर यह गाना गायेंगीं की ,,,,,
                                                   सबकी माँ का भोसड़ा, सब  बिटियन  की चूत 
                                                   लण्ड सभी के पेल दे चोदो, सबकी माँ की चूत  
हम चारों लड़कियां तालियां बजा बजा कर यही गाना गाने लगीं तो घर के सारे लोग इकठ्ठा को गये।  सब लोग मज़ा लेने लगे।  खूब मस्ती छाने लगी।  वहां सभी लोग चाहे मर्द हो या औरत सभी नंगे ही थे।  नंगी नंगी बीवियां और नंगे नंगे मर्द देख कर सबको जोश आ रहा था।  मर्द सारे सबकी चूंचियां चूत और गांड देखने में मस्त थे बीवियां सबके लण्ड देखने में ?
इतने में मैं उठी और नाज़िया में मियां नासिर के पास चली गयी।  उसका पैजामा खोला और टन टनाता हुआ लण्ड निकाल लिया ।  मैं एक साथ से लण्ड सहलाने लगी और दूसरे हाथ से फ़िरोज़ा की माँ यानी अपनी शकीला मामी जान का नंगा भोसड़ा सहलाने लगी।  नासिर का लण्ड बड़ा मस्त लगा मुझे मैंने उसका चुम्मा लिया और हिला हिला कर खूब कड़क बना दिया भोसड़ी वाले को।  फिर मैं घूम गयी और लण्ड मामी की चूत पर टिका दिया ? नासिर ने एक जोर का धक्का मारा तो लौड़ा गप्प से अंदर घुस गया।  बस मैं उसकी कमर पकड़ कर धकाभक उसका भोसड़ा चोदने लगी ? मैंने कहा देख बुर चोदी फ़िरोज़ा मैं तेरी माँ का भोसड़ा चोद रही हूँ ? अब तू मेरे मुंह न लगना क्योंकि आज से मैंने तेरी माँ चोदना शुरू कर दिया है ?  फ़िरोज़ा मेरी बात सुन कर मुस्कराने लगी और उससे ज्यादा उसकी माँ मुस्कराने लगी क्योंकि उसे चुदाने में बड़ा मज़ा आ रहा था। 
उधर नाज़िया फ़िरोज़ा के मियां का लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी।  उसके सामने था समीना की माँ का भोसड़ा।  वह कभी लण्ड देखती तो कभी भोसड़ा ? लण्ड साला भोसड़ा देख कर और लोहे की तरह सख्त हो गया और भोसड़ा को ललकारने लगा।  भोसड़ा भी अपना मुंह खोल कर लण्ड को आने की दावत देने लगा।  इतने में नाज़िया ने लण्ड उसके भोसड़ा में ठोंक दिया। फ़िरोज़ा का मियां अफज़ल बहन चोद दनादन्न चोदने लगा समीना की माँ का भोसड़ा।  समीना अपनी माँ का चुदता हुआ भोसड़ा देख कर बड़ी खुश होने लगी । 
तब तक फ़िरोज़ा ने समीना के मियां खालिद का लण्ड अपने कब्जे में किया और उसका ताबड़ तोड़ चुम्मा लेने लगी। दूसरे हाथ से उसने मेरी माँ का भोसड़ा अपनी तरफ खींच लिया। उसने मन बना लिया की आज मैं साजिया की माँ का भोसड़ा खूब झमाझम चोदूंगी।  आज मैं उसका भोसड़ा फाड़ डालूंगी।  मेरी माँ फ़िरोज़ा की बुआ है और बुआ की बुर चोदने में कोई हर्ज़ नहीं है।  फ़िरोज़ा वहीँ से बोली देख भोसड़ी की साजिया आज मैं तेरी माँ चोदने जा रहीं हूँ।  सबके सामने चोदूंगी तेरी माँ ? ऐसा कह कर उसने लण्ड भोसड़ा में घुसा दिया और तब खालिद बहन चोद मेरी माँ का भोसड़ा धकापेल चोदने लगा।
समीना वाकई बड़ी मस्त लड़की हैं  उसकी बड़ी बड़ी सुडौल चूंचियां सबको पसंद है। उसकी मोटी मोटी गोरी जांघें तो गज़ब ढ़ातीं हैं और उसके बीच में मस्त चिकनी चूत आय हाय देख कर लण्ड साले तन कर खड़े हो जातें है।  यहाँ मादर चोद कोई ऐसा लण्ड नहीं है जो खड़ा न हो ? समीना अपनी चूंचियां हिलाती हुई उठी और मेरा मियां अबू का लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी।  मेरा मियाँ समीना की बुर चोदने में सबसे आगे रहता है। समीना उसका लण्ड चाटने चूसने लगी और फिर नाज़िया की माँ यानी मेरी खाला का भोसड़ा अपनी ओर खींच लिया।  मेरी खाला भी नंगी ही थीं।  उसका भोसड़ा साला पहले से ही तैयार था।  समीना ने लण्ड भोसड़ा में घुसेड़ दिया और उसकी कमर पकड़ कर चोदने लगी। मेरा मियां समीना की चूंचियां मसलते हुए मेरी खाल का भोसड़ा भकाभक चोदने में जुट गया।  समीना बोली अरी नाज़िया देख बुर चोदी मैं किस तरह से तेरी माँ चोद रही हूँ ? मैं किसी दिन इसी तरह तेरी गांड में भी ठोंकूंगी लण्ड ? उस दिन मुझे मालूम हुआ की समीना जितनी अच्छी तरह से अपनी बुर चुदवाती है उतनी ही अच्छी तरह से सबका भोसड़ा भी चुदवाती है । 
तो दोस्तों, उस दिन रात भर हम चारों लड़कियों ने सबकी माँ का भोसड़ा चोदा। सबके लण्ड सबके भोसड़ा में पेले गए और इस तरह हर एक भोसड़ा चार चार बार चोदा गया।
दूसरे दिन सबकी आम्मियाँ एक दूसरे की बेटियां चुदवाने लगीं।
समीना की अम्मी रेहाना ने मामू जान का लण्ड नाज़िया की बुर में पेल दिया। नाज़िया की बुर सबके सामने चुदने लगी।  मेरे मामू जान का लण्ड उसे पसंद आ गया और वह भी रंडी की तरह चुदवाने लगी।  इतने में शकीला मामी ने खालू का लण्ड मेरी चूत में पेल दिया। मुझे खालू से चुदवाने में मज़ा आने लगा ।  उसका मोटा लण्ड मेरी चूत से चारों तरफ चिपक कर आगे पीछे होने लगा।  मुझे ऐसे ही लौड़ों से चुदवाने में मज़ा आता है।  मेरे सामने मेरा अब्बू समीना की बुर चोदने में जुटा था क्योंकि खाला ने मेरे अब्बू का लण्ड समीना की बुर में घुसा दिया था।  उधर मेरी अम्मी ने समीना के अब्बू का लण्ड फ़िरोज़ा की बुर में पेल दिया। फ़िरोज़ा भी भोसड़ी की बड़ी चुदक्कड़ लड़की है।  बड़े बड़े लण्ड घुसा लेती है अपनी बुर में ?  
मेरे भाई जान का निकाह जब हो गया तो सुहागरात का दिन आया.  वह दिन तो बड़े हंगामे का दिन था दोस्तों।  एक तरफ दुल्हन की बुर तो पहले उसके दूल्हे ने बजायी।  फिर उसके देवरों ने बजायी और फिर उसने किस किस के लण्ड अपनी चूत में पेल पेल कर अपनी सुहागरात मनाई यह तो वही बता सकती है।  लेकिन बाहर सारे मर्दों ने एक बार फिर सबका भोसड़ा बजाया।  सब लड़कियों की बुर में अपना अपना लण्ड पेल कर चोदा। सब  लड़कियों ने सबके लण्ड अपनी बुर में पेलवाया और बड़ी बेशर्मी से गालियां बकते हुए भकाभक चुदवाया। 
हमारे घर में जब भी किसी का निकाह होता है तो फिर चुदाई का यही माहौल होता है।

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Saturday, January 24, 2015

पानी छुट गया.उसकी जवानी

आओ कमला तुमने तो अब हमें भुला ही दिया है जैसे.” सेक्स से भरी नजरो से जमीनदार मोहन ने इस मजदुर औरत को देखा और उसकी गांड के ऊपर नजरें गडाए बैठा.
“साहब, गेहूं की फसल की सीजन थी न, कटाई में अच्छी मजदूरी मिल जाती हैं इसलिए हम छोलपुर गए थे पति के साथ.” कमला ने अपने हलके पीले दांत दिखाते हुए कहा.
“चलो कोई नहीं, अब आ गई हो तो इनसे मिलो. यह कुमार साहब हैं, फारेस्ट अफसर हैं इधर के नए. इन्हें खुश रखना हैं नहीं तो यह तुम्हारें घरो पर बुलडोजर चलवा सकते हैं. हमारे बड़े अच्छे दोस्त हैं इसलिए करेंगे नहीं ऐसा. लेकिन क्या करे यह भी उनकी बीवी उधर उनके गाँव में ही इसलिए घर में काम की बड़ी किल्लत होती हैं. तुम दिन में एक टाइम इनके घर जाकर सफाई कर देना. पगार हम से ले लेना, और सब तरह खुश रखना हैं साहब को समझ गई ना.” इशारे इशारे में ही कमला को बता दिया गया था की कुमार की सेक्स की जरुरत भी उसे पूरी करनी हैं.
जमीनदार मोहन यहाँ के जंगलो में ठेकेदार था जो दो नम्बर का बड़ा काम करता था. कुमार यहाँ के नए फारेस्ट अफसर थे जो एक नम्बर के रिश्वतखोर और अय्याश थे. मोहन ने उन्हें रिश्वत देने से मना नहीं किया था लेकिन कुमार को दो तिन दिन में चुदाई का जुगाड़ करने का वादा भी कर बैठे थे. कमला एक शादीसुदा औरत थी जो 21 साल की थी और उसकी जवानी से जैसे की सेक्स टपकता था. उसका पति नहीं जानता था लेकिन उसकी चूत में सेक्स का एक झरना बहता था जिस से बहोतों ने अपनी प्यास बुझाई थी.
इस से पहले कमला मोहन के बंगले पर ही काम करती थी और उसकी कटी हुई जवानी के मोहन भी एक समय कदरदान थे. लेकिन फिर कमला ने घर के नौकरों से चुदना चालू किया और मोहन अब उसे किराए के सेक्स वर्कर के तौर पर ही यूज़ करते हैं. जब ऐसे कोई अफसर को खुश करना हो कमला को बुलाया जाता हैं और एक बार सेक्स करने के जमीनदार मोहन उसे एक ठुकाई के 200 रूपये दे देता था. कमला भी खुश थी क्यूंकि उसकी मजदूरी से यह रकम काफी ज्यादा थी. कुमार ने जब कमला को देखा तो एक घड़ी उन्हें लगा ही नहीं की यह शादीसुदा औरत हैं. बड़े मम्मे और मस्त छोटी गांड किसी भी मर्द को परेशान कर सकते थे. कमला ने एक नजर भर के ही कुमार को देखा था लेकिन इस फारेस्ट अफसर को जैसे उसकी शकल याद रह गयी थी.
“ज्यदा ना सोचे कुमार बाबु, आप का काम हो जायेंगा. यह बड़ी कातिल चीज हैं हम खुद डुबकी लगा चुके हैं और एक एक गोता आप को भी मजा देगा.” मोहन जमीनदार ने मुछो के ऊपर ताव देते हुए कहा.
अपने लंड को खुजाते हुए कुमार ने कहा, “बस एक बार आ जाएँ ये कसम से इसे भी हम खुश कर देंगे.”
“समझे वो शाम को आप के बिस्तर में होंगी, रात में कठिनाई हैं क्यूंकि उसका पति घर रहता हैं. शाम में ही ठोक दीजियेगा इसका छेद.” मोहन ने ताकीद की.
कुमार मोहन का धन्यवाद करते हुए अपनी टोपी को पहनते हुए वहाँ से निकल पड़े. जिप स्टार्ट कर के वो सीधे पहले पड़ोस के गाँव की और चल पड़े. यह इलाका पूरा जंगल था और कंडोम नहीं मिलते थे यहाँ. कंडोम और सरसों के तेल की छोटी बोतल ले के कुमार घर आये. मन बहलाने के लिए उन्होंने फिल्मफेर मैगज़ीन उठाई पुराने अखबारों के बिच से. यहाँ बिजली और नेट तो था नहीं की लंड को पोर्न विडियोस से बहला लेते. वही छोटे छोटे कपडे वाली हिरोइन्स को देख के कुमार लंड को खड़ा कर रहे थे. दोपहर को खाने में वही मेगी नुडल्स और अचार ब्रेड खाए और अब वो बेसब्री से कमला के आने की राह देख रहे थे. महीनों हो चले थे चूत के छेद में सेक्स की पिचकारी छोड़े और कुमार लंड हाथ से हिला हिला के परेशान थे. मोहन जमीनदार ने वादा बड़े दिन से किया था लेकिन कमला थी ही नहीं यहाँ. कमला के साथ सेक्स के विचार करते करते ही लुंगी में लंड हिला के कुमार सो गए.
साढ़े पांच बजे के करीब दरवाजे पर दस्तक हुई. कुमार नींद से झबक उठे और दौड़ के दरवाजा खोला.
“आओ अंदर, बड़ी देर कर दी आने में तुमने.” कुमार ने हँसते हुए कहा.
“साहब पति को खाना देना था, वो बहार गया था इसलिए दोपहर का खाना अभी दे के आई हूँ.” कमला ने धीरे से कहा.
“अरे हम भी तो भूखे हैं कब से तुम्हारी आस में.” कमला को अंदर ले के कुमार ने एक नजर बाकी के दो क्वार्टर पर डाली. उसके हाथ निचे काम करने वाले दोनों चोकीदार शायद जंगल में ही थे. कमला ने अंदर आके एक नजर कुमार को देखा और फिर उसकी नजर लुंगी के ऊपर बने हुए धब्बे पर पड़ी. वो हंस पड़ी. कुमार ने उसे ले दबोचा और उसके होंठो पर किस करने लगे. कुमार के आधे सफ़ेद आधे पीले दांत के साथ कमला के पीले दांत मिल गए. कमला ने निचे लुंगी की गाँठ को खोला और लुंगी जमींन पर जा गिरी. अंदर कुमार का सेक्स का प्यासा लौड़ा था जो कंपन मार रहा था बिल में जाने के लिए. कमला ने लंड को हाथ से मसला और लंड पूरा के पूरा तन गया. कमला ने अब अपने होंठो को कुमार के होंठो से दूर किया और वो लंड चूसने का मन बना चुकी थी.
लेकिन कुमार ने कहा, “सरसों का तेल लायें हैं हम, चूस के तनिक मालिश कर दो उसका.”
“जी बाबूजी.” इतना कह के कमला ने उस सेक्स की नाली को मुहं में भर लिया. कमला ने आधा लंड मुहं में लिया और उसे चूस का मजा देने लगी. कुमार की आँखे बंध थी और वो इस देहातन के साथ ओतप्रोत थे सेक्स के दरिया में…….!
कमला लौड़ा गले तक भर रही थी और फिर उसके ऊपर अपनी जबान को घुमाकर चाट लेती थी. कुमार को देसी सेक्स काफी पसंद था इसलिए तो उसने जमीनदार मोहन को देसी चूत के लिए विनंती की थी, ना की सिटी की रंडी के लिए. कुमार आँखे बंध किये हुए आह आह की आवाज निकाल रहे थे और कमला के पीले दांत बिच में दिख रहे थे जब वो लंड को और अंदर लेने के लिए अपना मुहं खोलती थी. कुमार फिर लंड को और भी जोर से मुहं में चलाने लगा लेकिन कमला का अनुभव भी कम थोड़ी था. वो लंड के झटको को मुहं खोल के गले में ले लेती थी.
“ले रंडी मेरा लंड अपने मुहं में ले बेन्चोद, ले ले चूस मेरा लौड़ा. फिर तेरी चूत को चोदुंगा मैं…चूस पूरा चूस लौड़े को…!” कुमार अब जज्बाती हो गए थे.
उधर कमला बड़े ही सुकून से लंड को चिकन लोलीपोप की तरह मुहं से निकाल ही नहीं रही थी. उसे भी कुमार के लंड को चूसने में जैसे बड़ा सुख मिल रहा था. कुमार का मन अब चूत से देसी सेक्स करने का बना हुआ था. इसलिए उसने अपना लंड मुहं से निकाला. कमला जैसे लौड़े को छोड़ने को तैयार ही नहीं थी. बहार आये लंड के ऊपर कमला का ढेर सारा थूंक लगा हुआ था.
“चलो अपनी टाँगे फैला के पलंग के ऊपर लेट जाओ.” कुमार ने टंगी हुई पतलून की और बढ़ते हुए कहा.
उसने अपनी पतलून से कंडोम का पेक निकाला. पेक फाड़ के उसने कंडोम को लंड के ऊपर पहन लिया. कंडोम वाला लंड जैसे बड़ा चमक रहा था.
कमला की टाँगे खुली हुई थी जिसे उसने ऊपर भी उठाया हुआ था. कुमार कमला की टांगो के बिच में आ बैठे और उसकी चूत का मुआयना करने लगे. चूत में दो ऊँगली डाल के पहले उसने देखा की चूत काफी गरम और चिकनी थी. मतलब लंड के ऊपर और कोई अधिक चिकनाहट की जरुरत नहीं थी. चूत और लंड दोनों ही देसी सेक्स के लिए बिलकुल रेडी थे. कुमार ने अपने लौड़े को चूत के छेद पर सेट किया, कलमा ने हाथ से थोडा बहुत एडजस्टमेंट किया और लगा दिया कुमार ने एक झटका. कुमार का लंड फच की आवाज से चूत के छेद में घुस गया. कमला के मुहं से आह निकल गई.
“वाह रे रंडी तेरी चूत तो बड़ी चिकनी हैं, मजा करा दिया एक ही झटके में तूने तो.” कुमार खुश हो गए चूत प्रवेश के बाद.
“साब मेरी चूत से तो मोहन बाबु की पूरी हवेली खुश थी, तो आप को तो अच्छी लगनी ही थी.” कमला ने देसी सेक्स के नशे में कुछ ज्यादा ही बक दिया.
“मैं जानता हूँ तू बहुत लंड ले चुकी हैं रंडी लेकिन तेरा भोसडा नहीं बना हैं अभी. अभी भी इसे चूत कह सकते हैं.” कुमार दांतों को दबा के लंड को कमला की चूत में पेलने लगा. कमला के मुहं से आह आह की आवाजें निकलने लगी और कमला अपनी गांड हिलाने लगी. कुमार का कंडोम के पीछे छिपा हुआ लौड़ा फच की आवाज से चूत में जाता तो यह दोनों ही देसी सेक्स के असीम मजे को लुट लेते. कमला की चूत को अब और भी हार्ड चोदने के लिए कुमार ने उसकी ऊपर उठी हुई टांगो को अपने कंधे पर रख दिया. कमला की चूत के अंदर अब लंड जैसे और भी डीप घुस गया. लेकिन इस देसी सेक्स की आदि रंडी को इस से कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़नेवाला था. उसे तो ऊपर से बड़ा मजा आ गया की लंड अंदर तक घुस गया था. कुमार अब आह आह कर के अपने लंड को फ़ास्ट फ़ास्ट चूत में पेलते रहे और कमला अपनी गांड को हिलाकर उन्हें और भी मजे देने लगी.
कुमार के मस्तक से पसीने की बूंद टपक के कमला के बदन पे आ रही थी. लेकिन दोनों ही देसी सेक्स के दरिया में ऐसे गोते लगा रहे थे की वक्त, थकान और दूसरी ऐसी चीजें अभी उनके लिए गौण थी. आह आह की आवाज से कुमार पेलते थे और ओह ओह की आवाज से कमला उनका उत्साह बढ़ाती थी. पांच मिनिट ऐसे ही पेलने के बाद कुमार ने अपना लंड निकाला.
“चल अब उलटी हो जा, तेरी चूत को मैं कुतिया बना के लेना चाहता हूँ.” कुमार भला देसी सेक्स के सब से असली मजे देने वाले आसान डौगी स्टाइल को कैसे छोड़ सकते थे. कमला ने अपनी जांघे पलट ली और अब वो उलटी होकर अपनी गांड को कुमार की और कर बैठी. कुमार ने कंडोम बदला और वो उठ खड़े हुए चूत लेने के लिए. कमला की गांड से टट्टी की स्मेल आ रही थी जिस से कुमार की मादकता और भी बढ़ गई. उन्होंने पीछे से ही चूत में लौड़ा डाला और वो गांड को चौड़ी करने लगे.
“साहब पीछे कुछ मत करना, गू लगेंगा आप के हाथ में…!” कमला ने पहले से ही आगाह कर दिया.
लेकिन कुत्ते की जात के जैसे टेढ़े कुमार ने ऊँगली कर ही दी. और जैसे कुमार को कहा गया था ऊँगली पर टट्टी लग ही गई. कुमार ने उसे कमला की सारी में उसके बिना देखे पोंछ लिया और वो चूत में लंड मारते रहे. अब कमला की स्पीड बढ़ चुकी थी और वो जोर जोर से लंड को थपकार रही थी. कुमार भी जोर जोर से चूत को ठोकते गए. दोनों ही कगार पर थे स्खलित होने के. कुमार ने दो झटके और दिए और उनका लंड कंडोम के अंदर पिगलने लगा. इतना वीर्य निकला के पूरा कंडोम भर गया. उन्होंने धीरे से लंड निकाला और तभी कमला का भी पानी छुट गया.
कुमार वही लुडक गए और कमला उठ के कपडे सही करने लगी. कुमार ने कहा, जाते हुए दरवाजा खिंच लेना, सच में मोहन सही कह रहे थे की तुम बड़ी चुदाई की चीज हों आज से अच्छा देसी सेक्स मैंने पहले कभी नहीं किया. अगली बार हग के आना, हम तुम्हारी गांड मारेंगे…..!
और कमला होंठो में ही हँसते हुए दरवाजा खोल के संध्याकाल के अँधेरे में गायब हो गई…!

Friday, January 23, 2015

नौकरी की तलाश के सफर में मिली हसीना

हाई दोस्तों,
आज मेरा लंड की सभी प्यासी लड़कियों और चुत के सभी भूके मर्दों को सलाम है | मैं रफीज़ आज आपको अपने एक नौकरी की तलाश के सफर में मिली हसीना की चुदाई के बारे में बताना चाहता हूँ जिसको मैंने अपने लंड के झटकों से निहाल कर दिया | उसका नाम नैन था और उससे मुलकात मेरी एक कंपनी की लिए इंटरव्विय देते समय ही हुई थी | हम दोनों के जस्बात एक दूसरे से काफी मिलते – जुलते थे इसीलिए हमरी दोस्ती होना लाज़मी था | हम दोनों ही नौकरी की इस तलाश में अलग – अलग शेहरों से आये हुए थे इसीलिए हमने फैसला कर लिया की दो दिन के लिए स्समने के की होटल में रुक जाएँगे जिससे हमारे पैसे भी बच जाते |
एक रात तो हमने यूँही मजाक – मजाक में काट ली और जब अगले दिन हमारी नौकरी ही पक्की हो गयी तो मैंने उसके साथ पूरा श्र घूमने का फैसला किया | हमने एक साथ कई जगहों को देख अजिस्से अब हम इतना सारा समय एक साथ बिताते हुए काफी करीब आ चुके थे | शाम को जब घर पहुंचे तो मैं हैरान था की मैं उसके इतने करीब होने के बावजूद उसकी चुत पर वश भी कर पाया अभी तक | रात को सोते वक्त मैंने उसके हाथ को पकड़ लिया और उसके खा की आज मैं एक साथ एक ही बिस्तर पर सो जाते हैं जिसपर उसने मेरी बात पर एक बार में ही हामी भर ली और तैयार हो गयी |
सोते हुए मेरा दिमाक धीरे – धीरे सनकने लगा और मैं उससे अब यूँही लेटे – लेटे अपनी दादी माँ की कहने सुनाने के बहाने उसके हाथ को पकिर से पकड़ लिया और उसकी हथेली के उप्पर के भगा के उप्पर अपनी दो उँगलियों को फिराने लगा | जिससे बा मेरा काम आगे बढ़ा जा रहा था | उससे कुछ – कुछ होने लगा था तभी मैं अब उसकी टांगों के उप्पर अपनी टांग को रख कर मसलने लगा था | मैंने कुछ हियो देर में अपने हाथों को को उसकी कमर तक पहुंचा दिया और उसकी कुर्ती को हलक सा उप्पर कर उसकी कमर पर कामुक गुदगुदी करने लगा | मेरा असर उसपर ऐसा छाया की वो कुछ ही पल में मेरे सामने को मुडी और मुझसे चुमने लगी और कुछ पल में हम एक -दूसरे के होठों के रस को चूसने में खो गए |
मैंने बा उसके कपड़ों को उतार चली कर दिया और कुछ ही पल गुज़रे की मैंने उसे अपने सामने नंगी कर डाला अब मैंने उसकी चुत को रगड़ते हुए उसकी जाँघों को उप्पर की और उठाते हुए सहलाने लगा | मैंने अपने लबों से उसकी चुत की फांकों को को चूमने लगा और कुछ ही देर में अपना लंड निकाला और उसकी चुत पर टिकाते हुए जोर का धक्का मारा जिससे मेरा लंड अपने सुपाडे के साथ उसकी चुत अंदर चला गया | उसे दर्द तो हो रहा था पर पर वो भी रुकना नहीं छाती थी और मज़े ले रही थी | मैं तो उसकी चुत में अपने लंड को ज़ोरदार तरीके से अंदर धेकेल रहा था और कुछ देर बाद ही झड भी गया | उस दिन के बाद हम एक दूसरे से बात ना कर पाए और अपने घर वापस चले गए 

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